moviebox header nav
moviebox search icon

Mushroom Cultivation ( मशरूम की खेती)

2021

R

1 h 55 m

Britania Raya

Lainnya

More

0 /10

0 people rated

Tonton online

Tonton di app

Watch on TV

Episode

Pemeran Terbaik

Ulasan Pengguna

Episode
Pemeran Terbaik
Ulasan Pengguna

Episode

film
lklk
Netflix
Plex

Ulasan Pengguna

author avatar

Sunisha Bajagain

19/11/2025 06:36
भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड स्थित सबौर गांव की संगीता कुमारी अपने प्रखंड का एक चर्चित नाम हैं। उन्होंने अपनी सफलता से अपने परिवार की दशा तो बदल ही है, साथ ही अनेक महिलाओं के लिए तरक्की का एक नया मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है। उनकी कहानी एक महिला के आत्मविश्वास, उसके जज्बे और काम के प्रति समर्पण की कहानी है। संगीता बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार के मशरूम का उत्पादन कर रही हैं।
author avatar

SEYISHAY

19/11/2025 06:36
धान के बिजाई से पहले किस्मों का चयन अपनी जरुरत और जमीन के अनुसार करें | इस वीडियो में आपको अगात यानि जल्द बुआई वाली किस्मों को बताया गया है | आप हमारा 24 घंटे रेडियो प्रसारण FM Green को मोबाईल के जरिये भी सुन सकते हैं, इस लिंक से एप्लिकेशन इंस्टॉल करें
author avatar

KhuliChana

19/11/2025 06:36
मशरूम उगाने के लिए कम्पोस्ट बनाने की पाइप विधि सबसे सरल है और इस विधि से कम समय में बटन मशरूम उगाने के लिए कम्पोस्ट तैयार हो जाता है | #mushroomproduction
author avatar

angela

19/11/2025 06:36
बटन मशरूम आज सबसे अधिक व्यावसायिक महत्व का फसल है, इसकी वैज्ञानिक खेती की जाय तो इसमें घाटे की कोई संभावना ही नहीं | पीछ दो भागों में हमने ओएस्टर और मिल्की मशरूम के बारे में बताया है जिसका लिंक यहाँ भी दिया गया है : •गरमीमेंउगायेंमिल्कीमशरूम||MilkyMush... •OysterMushroomcultivation(ओएस्टरमशरूम...
author avatar

Dred_Teresa 🌙

19/11/2025 06:36
नालंदा जिले के चंडीपुर प्रखंड स्थित अनंतपुर गांव की अनिता देवी अपने जिले का एक चर्चित नाम हैं। उन्होंने अपनी सफलता से अपने परिवार की दशा तो बदल ही दी है, साथ ही अनेक महिलाओं के लिए तरक्की का एक नया मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है। उनकी कहानी एक महिला के आत्मविश्वास, उसके जज्बे और काम के प्रति समर्पण की कहानी है। आज वह मशरूम उत्पादन में तो ऊंचाइयां छू ही रही हैं, मशरूम के बीज का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही हैं।
author avatar

Ella Fontamillas

19/11/2025 06:36
जनजाति बहुल शीतलपुर गांव जहाँ की महिलाएं जंगल से लकड़ी काटकर जीवन-बसर कर रही थी. आज यहाँ की महिलाएं स्वावलंबी बन रही हैं, साधारण सा गांव शीतलपुर आज ख़ास बन गया है, यहाँ मशरूम क्रांति का आगाज़ हो चूका है. यह सब कुछ संभव हुआ बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा चलाये गए परियोजना "फार्मर फर्स्ट" से. पेश है शीतलपुर गांव का "मशरूम विलेज" बनने की कहानी.
author avatar

RSileny

19/11/2025 06:36
विषम परिस्थितियों को मात देकर कैसे हालात को अपने पक्ष में मोड़ा जा सकता है इसके उदाहरण हैं श्रीमती संगीता गुप्ता. कभी इन्होने अपने पति के कपडे के दुकान चलाने में सहायता किया तो कभी परिवार की आमदनी बढ़ने के लिए मोबाइल की दुकान भी खोली... लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और भी बिगडती ही गयी... पति का भाड़े का दुकान भी एक खाली करा दिया गया, बेटी को इंजिनियरिंग कराने के लिए जेवरात भी बेचने पड़े...खोने के लिए अब कुछ बचा न था लेकिन पाने के लिए इच्छाशक्ति में कोई कमी भी नहीं थी. सन २०१२. एक दिन अख़बार पढ़ते हुए कृषि विज्ञानं केंद्र रोहतास में चल रहे मशरूम प्रशिक्षण के बारे में ख़बर पढ़ी... मशरूम में अपने लिए अवसर तलासने वे जा पहुचीं कृषि विज्ञान केंद्र. यहाँ से उन्हें उम्मीद से बेहतर सहायता मिली और प्रयोगिक प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए सलाह दिया गया. बस अब क्या था श्रीमती गुप्ता के अरमानों के पंख लग गए..
author avatar

Dylan Connect

19/11/2025 06:36
अंजू देवी की शादी मट्रिक की परीक्षा पास करते ही हो गयी, वह आगे भी पढना भी चाहती थी लेकिन परिस्थितियों वस पठन-पाठन हो नहीं पाया. घर की आर्थिक स्थिति अच्छी थी नहीं.एक एकड़ जमीन में पति खेती-बारी करते हैं जिससे परिवार मुश्किल से चलता था... इस हालात में उन्हें भी कुछ करने की इच्छा प्रबल हुई... वह कुछ ऐसा काम करना चाह रही थी जिससे कि वे अपने परिवार का भी ध्यान रख सके और घर की आर्थिक स्थिति सुधरने में मदद कर सके. काम के बारे में कुछ ठोस पता नहीं चल रहा था तो उन्होंने मशालों का पाउडर बनाकर बाजार में बेचने की शुरुआत की, पर इस व्यवसाय से वे संतुष्ट नहीं हुई क्योंकि सही बाजार मिलना मुश्किल हो रहा था और कुछ ज्यादा आमदनी नहीं आ पा रही थी... एक दिन उन्होंने अखबार में पढ़ा कि डगरुआ प्रखण्ड में कृषि विज्ञान केन्द्र, जलालगढ़, पुर्णियां द्वारा मषरुम उत्पादन करवाया जा रहा है अंजू देवी दूसरे दिन हीं वहां जाकर महिलाओं से मिली जो कि मषरुम उत्पादन कर रही थी। महिलाओं ने इन्हें कृषि विज्ञान केन्द्र जाकर प्रषिक्षण लेने की सलाह दी। उन्हें मशरूम में अपना भविष्य दिख रहा था....वे सीधे कृषि विज्ञान केन्द्र पुर्णियां प
author avatar

Okoro Blessing Nkiruka.

19/11/2025 06:36
Live e - मशरूम चौपाल || Mushroom Chaupal
author avatar

officially_wayne

19/11/2025 06:36
बचपन से ही पढने में मेधावी गौरव को गृहस्ती सँभालते ही मुश्किलों से सामना करना पड़ा.... कभी लकवा ग्रस्त माँ को इलाज के लिए पैसे तक नही थे.... इन कठिन परिस्थियों में सगे-संबधी भी साथ देने नहीं आये तब गौरव ने कहीं परदेस में नौकरी करने के बजाय मशरूम उत्पादन के लिए के लिए रास्ता चुना... मशरूम उत्पादन के लिए शुरुआत कहाँ से करें जब यह समझ नहीं आ रहा था तब किसी ने गंधार स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के बारे में बताया... गौरव यहाँ काफी उम्मीद लेकर आये. बिना खेत के, घर में ही मशरूम उत्पादन करने की हर बारीकियों को समझने के बाद वे बड़े ही तन्मयता से इस कार्य में लग गये.... शुरुआत में आस-पड़ोस के लोगों के परिहास का सामना भी करना पड़ा लेकिन गौरव राज को अपना लक्ष्य दिख गया था, अब वे लोगों की परवाह कहाँ करने वाले थे..... ओएस्टर मशरूम उत्पादन काफी आसान है और इसमें ज्यादा लगत भी नहीं आती.... गेहूं के भूसे और प्लास्टिक की ऐसी थैलियों और स्पान के अलावा जरुरत है तो सिर्फ लगन और मेहनत की ... काफी उत्साह पूर्वक गौरव ने शुरुआत में ५० से ६० बैग से ओएस्टर मशरूम की शुरुआत की और प्रथम वर्ष ही ७२ हजार रूपये की आमदनी प्राप
Disclaimer: All videos and pictures on MovieBox are from the Internet, and their copyrights belong to the original creators. We only provide webpage services and do not store, record, or upload any content.